Blog
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि सरकार अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू नहीं करेगी। यह बयान उस समय आया है जब कुछ वर्गों द्वारा SC/ST आरक्षण में क्रीमी लेयर की मांग की जा रही थी। क्रीमी लेयर लागू करने का तात्पर्य उन व्यक्तियों को आरक्षण के दायरे से बाहर करना है जो आर्थिक रूप से सशक्त हो चुके हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर विचार करते हुए सुझाव दिया था कि SC/ST आरक्षण में भी क्रीमी लेयर का सिद्धांत लागू किया जा सकता है, ताकि वास्तव में जरूरतमंद लोगों को ही इसका लाभ मिल सके। कोर्ट का तर्क था कि आरक्षण का उद्देश्य केवल सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन को दूर करना होना चाहिए, न कि इसका लाभ उन लोगों को मिले जो पहले से ही आर्थिक रूप से संपन्न हो चुके हैं। इसके बावजूद, प्रधानमंत्री ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि सरकार इस मुद्दे पर कोई बदलाव नहीं करेगी और SC/ST समुदाय के लिए आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था को बरकरार रखेगी। उन्होंने कहा कि सरकार SC/ST समुदाय के हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है और उनके उत्थान के लिए हर संभव कदम उठाएगी। मुख्य बिंदु: सरकार SC/ST आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू नहीं करेगी, जैसा कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया। सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू करने का सुझाव दिया था। प्रधानमंत्री ने SC/ST समुदाय के हितों की रक्षा करने का आश्वासन दिया। सरकार ने मौजूदा आरक्षण व्यवस्था को बरकरार रखने का निर्णय लिया। इस घोषणा के बाद SC/ST समुदाय में सरकार के प्रति विश्वास और भी मजबूत होने की संभावना है, जो उनके अधिकारों और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Copyright © Sarkari Rojgars, All Right Reserved.
Designed By SJRE ENTERPRISE Doveloped By: LL MAHAR