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मीना महा पंचायत के समाज सुधार हेतु लिए गए फैसले के मायने

मीना महा पंचायत के समाज सुधार हेतु लिए गए फैसले के मायने

मीना जाति का गौरवशाली इतिहास

मीना जाति हमेशा से ही अपनी स्वाधीनता, स्वतंत्र विचारों और देश प्रेम के लिए जानी जाती है। प्राचीन काल में मीना समाज में महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार दिए जाते थे। हालांकि, समय के साथ समाज में कुछ कुप्रथाएं आ गई थीं, जैसे कि दहेज प्रथा, मृत्युभोज, जन्मदिन पर तलवार से केक काटना, शराब का सेवन, गोद भराई और डीजे पर अश्लील गानों के साथ उत्पात मचाना।

रोसी एवं कटकड़ की घटना

हाल ही में ग्राम रोसी एवं कटकड़ में हुई एक घटना ने समाज को झकझोर दिया। यहां लड़की पक्ष ने लड़के पक्ष के बाल काटने जैसा घृणित कृत्य किया। इसके बाद उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके कुछ पटेलों को अपने पक्ष में कर लिया और लड़के पक्ष पर 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

महा पंचायत का आयोजन

इस घटना के बाद न्यायोचित फैसला लाने के लिए मीना समाज की एक महा पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत में समाज के पंच परमेश्वर के सामने मामले को रखा गया। पंचायत में लगभग 5-10 लाख लोग उपस्थित हुए और उन्होंने पुराने फैसले को पलटते हुए लड़के पक्ष को न्याय दिलाया। इसके साथ ही लड़की पक्ष पर 11 लाख रुपये, बिचौलिया पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। जिन पटेलों ने गलत फैसला लिया था, उन पर 1100 रुपये का जुर्माना लगाया गया और उन्हें 5 साल के लिए समाज से बाहर कर दिया गया।

समाज सुधार के लिए आवाज

इस पंचायत में समाज में व्याप्त कुरीतियों के सुधार के लिए आवाज उठाई गई। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और विशेष रूप से युवा वर्ग ने इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसके परिणामस्वरूप मीण भगवान मंदिर में समाज सुधार के लिए एक और महा पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत में समाज के सुधार के लिए कुछ नियम बनाए गए, जिनका पालन करने के लिए सभी को पाबंद किया गया।

नए नियम

  1. जन्मदिन मनाने पर पाबंदी।
  2. सगाई होने पर लड़का एवं लड़की एक दूसरे को देखेंगे और उनके साथ केवल दो परिवार के सदस्य उपस्थित रहेंगे। लड़की अपने घर पर न दिखाकर कहीं अन्य स्थान पर सुविधा अनुसार दिखाएगी।
  3. गोद भराई रस्म पर पाबंदी।
  4. दहेज का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा।
  5. टीका प्रथा बंद, विशेष रूप से लग्न टीका।
  6. बारात दिन में जाएगी एवं दिन में आएगी।
  7. डीजे पर पूर्णतः पाबंदी, बस 2 ही स्पीकर घर पर बजा सकते हैं।
  8. शादी के कार्ड जितना हो सके सोशल मीडिया के माध्यम से स्वीकार करें।
  9. भाई दूज पर पाबंदी।
  10. अश्लील रील बनाने पर पाबंदी।
  11. किसी की मृत्यु होने पर लुगड़ी या धोती देने पर पाबंदी, बस एक नारियल ले जा सकते हैं।
  12. भात में भाटियों को नारियल बतासे वापस देने की प्रथा पर रोक।
  13. यदि लड़का या लड़की की शादी में विवाद पंचायत से पहले कोर्ट में पहुंच जाए तो उस पर पंचायत कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी।
  14. जामना बंद, सिर्फ 2-3 बेस और अधिकतम 1100 रुपये दे सकते हैं।

इन नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। जो भी इन नियमों को नहीं मानेगा, उन पर 1 लाख रुपये जुर्माना लगाया जाएगा और उन्हें समाज से बहिष्कृत कर दिया जाएगा।

आगे की कहानी

आगे की कहानी अगली पोस्ट में प्रकाशित की जाएगी (नितेश मीमरोट की कलम से )